CORONAVIRUS
कोविड -19 एक समस्या जिससे सुरक्षा ही बचाव है। covid -19 एक महामारी का रूप ले चूका है। WHO इसे दो माह पूर्व ही महामारी घोषित कर चुका है। कोरोना ने स्वास्थ के साथ साथ शिक्षा , अर्थव्यवस्था , पर बहुत ही गहरा प्रभाव डाला है। लोकडाउन के कारण किसी समय आबाद रहने वाले पर्यटन स्थल , मॉल, आदि वीरान पड़े है। जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह डगमगा गयी है। सरकारे राहत पैकेज ला रही है, परन्तु यह ' ऊट के मुँह में जीरा ' साबित हो रही है। चूकि एक सरकारी और स्थायी रोजगार प्राप्त व्यक्ति को लॉकडाउन से कोई डर नहीं है। क्योकि उनका वेतन तो महीने के अंत में बैंक खाते में आ ही जायेगा जिसका वे तथा कथित ऑनलाइन सुविधाओं में उपयोग कर लेंगे लेकिन क्या होगा उन दिहाड़ी मजदूरों का , ठेले वालो का जिनका एक वक्त का चूल्हा भी दिनभर में कमाई गयी कुछ चवनियो से जलता है। भारत जैसे देश में एक तिहाई जनसँख्या इसी प्रकार की है , तो यह गंभीर चिंता का विषय है। आज जरूरत है ऐसे स्वास्थ एवं राहत पैकेज की जिसक...